हमारी बिटिया

हमारी बिटिया कार्यक्रम एमबी फाउंडेशन के एक सोच है जिसे हमारे विद्यालयों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की पहल के रूप में 25 फरवरी 2018 दिन रविवार को एक सेमिनार के द्वारा इसकी शुरुआत की गई है वास्तव में आधुनिक समाज में खासकर ग्रामीण परिवेश के विद्यालयों में लड़कियों की कम संख्या महिला अस्पताल तथा भेदभाव को दर्शाता है लगभग सभी भारतीय संविधान में सशक्त सामाजिक तथा सांस्कृतिक पूर्वाग्रह पुत्र के प्रति वरीयता और बेटियों के प्रति भेदभाव ही समस्या की जड़ है दहेज का सामाजिक मानक पितृसत्तात्मक सोच पुत्र द्वारा अंतिम संस्कार करना और संपत्ति में केवल पुत्र का अधिकार होना ही लिंग आधारित भेदभाव का कारण है।

अतः हमारी बिटिया बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ कार्यक्रम द्वारा लिंग अनुपात में गिरावट को रोकने और उसमें वृद्धि करने की एक पहल है हमारा यह प्रयास महिलाओं को सशक्त बनाने उन्हें सम्मान दिलाने और लड़कियों के लिए अवसरों में वृद्धि करने का प्रयास करती है सही मायने में यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है जिसे प्रचारित करना हमारी जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि हमारा अधिकार भी है और यह आपके सहयोग के बिना संभव नहीं है इसी सोच को विस्तृत करना आज के सेमिनार का मुख्य विषय है यह हमारी बस एक सोच है जिसे हम जमीनी स्तर पर कार्यशील बनाने में आपका विचार हमारे लिए आवश्यक होगा हमारे इस प्रयास से ना केवल समाज बल्कि राष्ट्र विकास की ओर अग्रसर होगा आइए शपथ लें हम प्रतिज्ञा करते हैं कि बालिका जन्म पर खुशी व उत्सव मनाएंगे अपनी बिटिया पर गर्व करेंगे और पराया धन की मानसिकता का विरोध करेंगे बेटे और बेटियों के बीच समानता को बढ़ावा देंगे बाल विवाह तथा दहेज प्रथा का दृढ़ता से विरोध करेंगे बिटिया को स्कूल में दाखिला करवाएंगे और उसकी पढ़ाई को बरकरार रखेंगे समाज के जेंडर रोटी वादी सोच को चुनौती देंगे बेटियों को संपत्ति के अधिकार का समर्थन देंगे।

जैसा कि आप जानते हैं यह अर्थ युग है और बिना धन के आप किसी की मदद नहीं कर सकते हैं तो जो हमारा एक कार्यक्रम है हमारी बिटिया जिसके बारे में अभी ऊपर मैंने आपको बताया तो कृपया हमारी जो संस्था एमडी फाउंडेशन जिसके तहत यह पहल चल रही है हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप एमडी फाउंडेशन को दान स्वरूप पैसे या कोई जरूरत की सामग्री भी दे सकते जिससे हम जरूरतमंद की सेवा कर सके।